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Essay On Disadvantages Of Junk Food In Hindi

Hindi Essay on Junk food

Junk Food

जंक फ़ूड का चलन पूरे विश्व में दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। चिप्स,चॉक्लेट्स ,पिज़्ज़ा, बर्गर इत्यादि तले -भुने खाने को जंक फ़ूड की संख्या में गिना जाता है। बच्चें हो या बड़े हो इस जंक फ़ूड का प्रभाव सबपे बढ़ता जा रहा है। परन्तु इस जंक फ़ूड को खाने के सिर्फ नुकसान ही है।

बच्चो पे इसका असर जल्दी पड़ता है । मोटापा इसका सबसे बड़ा नुकसान हैं। लेकिन, हालिया रिसर्च इस जंक फूड की और बड़ी कमी सामने लेकर आया है। यह रिसर्च बताता है कि फास्‍ट फूड न सिर्फ बच्‍चों की शारीरिक सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि इसका असर बच्‍चों के मा‍नसिक विकास पर भी पड़ता है। इस रिसर्च में यह बात सामने आई है कि फास्‍ट फूड का अधिक सेवन बच्‍चों के आईक्‍यू (IQ level)लेवल को कम कर देता है।

Junk Food पहुंचाते हैं दिमाग को क्षति

अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि जंकफूड वास्तव में दिमाग को क्षति पहुंचाते हैं। तले और प्रसंस्कृत खाने के सामानों में पाए जाने वाले रसायन दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले संकेत भेजते हैं जिनसे उसकी भूख को नियंत्रित करने की क्षमता कम होती है।

Junk Food बिमारियों की जड़

इन जंक फ़ूड में कार्बोहायड्रेट की मात्र आदिक होती है जो सभी बिमारियों की जड़ होती है। इसी से कैस्ट्रॉल, हृदयघात ,ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां होती है। हमे अपने जीवन को सही रखने के लिए इसका सेवन काम करना होगा । कभी कभार ऐसे जंक फ़ूड खाने में कोई बुराई नही परन्तु हमे इसका आदि नही होना चहिये। और इसके प्रभाव से बचने के लिए हमे योगा और कसरत करते रहना चाहिए ।

वडा पाव, समोशा, पिज्‍जा,बर्गर, रोल, चौमिन,चिली, फैंच फ्राइ  और कोलड्रिंक आदि ने लोगों की खानपान पर कब्जा कर लिया है। आज लोग पौष्टिक आहार को कम फास्ट फूड या जंक फूड को ज्यादा तवज्जों देने लगे हैं। लेकिन जंक फूड हमारी जिंदगी को कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं आपको अंदाजा नहीं है। एक शोध की माने तो जंक फूड खाने से दिमाग में गड़बड़ी पैदा होने लगती है।

 

आइए जानते हैं जंक फूड का सेवन आपके लिए कितना नुकसानदेह है। 

 

1. निरंतर फास्ट फूड के सेवन से आप शिथिल होते जाओगे। आप खुद को थका हुआ महसूस करोगे। आवश्‍यक पोषक तत्‍व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट की कमी की वजह से फास्ट फूड आपकी उर्जा के स्तर को कम कर देता है।

 

2. जंक फूड का लगातार सेवन टीनेजर्स में डिप्रेशन का कारण बन सकता है। बढती उम्र में बच्‍चों कई तर‍ह के बायोलॉजिकल बदलाव आने लगते हैं। जंक फूड जैसे चौमिन, पिज्जां,बर्गर, रोल खाना बढते बच्चों के लिए एक समस्या बन सकता है और वह डिप्रेशन में भी जा सकता है।

 

3.मैदे और तेल से बने ये जंक फूड आपकी पाचन क्रिया को भी प्रभावित करता है। इससे कब्ज की समस्‍या उत्‍पन्‍न हो सकती है। इन खानों में फाइबर्स की कमी होने की वजह से भी ये खाद्य पदार्थ पचने में दिक्‍कत करते हैं। 

 

4. ज्यादा से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करने वाले लोगों में 80 फीसदी दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह के आहार में ज्यादा फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर में भी योगदान देता है।

 

5. वसा से भरपूर खाद्य पदार्थ हृदय, रक्त वाहिकाओं, जिगर जैसे कई बीमारियों का कारण हैं। इससे तनाव भी बढ़ता है। कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ (कॉफी, चाय, कोला और चॉकलेट), सफेद आटा, नमक, संतृप्त वसा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ ये कुछ ऐसी चीजें है जो तनाव को बढ़ाने में मदद करती है।     

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