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My Neighbour Essay In Hindi

मेरे पड़ोसी पर निबन्ध (my neighbour in hindi)

मैं लोदी कॉलोनी के सरकारी आवास में रहता हूँ। हमारा फ़्लैट पहली मंजिल पर है। इसमें तीन बड़े कमरे, एक बड़ा हॉल व इसके साथ रसोई-घर आदि है। मेरे पिताजी मंत्रालय में सहायक सचिव हैं। 

मेरे पड़ोस में एक ईसाई परिवार रहता है। इस परिवार के मुखिया श्री टोनी क्लेयर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी, जूलियट क्लेयर कर उनकी दो बेटियां हैं। श्री क्लेयर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में किसी ऊँचे पद पर हैं। वे सभी बहुत अच्छे और सुलझे हुए लोग हैं। मेरी माताजी व श्रीमती क्लेयर बहुत अच्छी सहेली हैं। वे अधिकतर एक साथ बातें करती दिखाई देती हैं। 

मेरे पिताजी व श्री क्लेयर के आपस में मधुर सम्बन्ध हैं। वे भी कई अवसरों पर साथ देखे जाते हैं। वे अधिकतर राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं पर चर्चा करते हैं। कभी-कभी वे शाम की सैर पर भी साथ-साथ जाते हैं। परन्तु दिन में वे अपने-अपने कार्यालयों में व्यस्त रहते हैं। 

सप्ताह के अंत में श्री क्लेयर अपने परिवार को किसी कार्यक्रम या पिकनिक पर ले जाते हैं। रविवार को वे अपनी कार से गिरजाघर जाते हैं। क्रिसमस व नए वर्ष पर वे हमें उपहार देते हैं। इन दिनों उनके यहाँ चहल-पहल रहती हैं। 

दीपावली और होली पर हम उन्हें अपने घर भोज पर आमंत्रित करते हैं। उन्हें भारतीय हिन्दू व्यंजन बहुत पसंद हैं। सामजिक अवसरों पर हम एक-दूसरे को शुभकामनाएं व शुभकामना पत्र देते हैं। उनकी दोनों बेटियां स्कूल जाती हैं। वे कॉनवेंट स्कूल में स्कूल बस से जाती हैं। वे दोनों अक्सर हमारे घर आती हैं व मेरे और मेरी बहन के साथ खेलती हैं। वे दोनों बहुत प्यारी और बुद्धिमान लड़कियां हैं। मेरी माताजी उन्हें मिठाई और टॉफियां देती हैं। 


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Mera Padosi par laghu nibandh

प्रस्तावना- पड़ोसी का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रिश्तेदार, भाई बंधु और मित्रजन मौका पड़ने पर इतना नहीं कर सकते हैं जितना पड़ोसी कर सकता है। इसलिए यदि पड़ोसी अच्छा हो तो समझिए जीवन का बोझ हलका हो गया यदि पड़ोसी निकम्मा और दुष्ट हुआ तो जीवन का आधा आनंद समाप्त हुआ समझिए।

अच्छे पड़ोसी का महत्व- पड़ोसी का जीवन हमारे जीवन को बहुत प्रभावित करता है। यदि पड़ोसी है तो हमारा जीवन भी अच्छा बना जाता है और यदि बुरा हो तो हमारा जीवन भी दुखद बन जाता है। अच्छा पड़ोसी एक सज्जन के समान है जो हमारे संस्कारों को चमकाता है, उन्हें सुन्दर बनाता है। हमारे जीवन को आदर्श जीवन बनाने में सहायक होता है। वह हमें कल्याण के मार्ग की ओर ले जाता है।

श्री रामनरेश मेरे पड़ोसी हैं। उनमें प्रायः वे सभी विशेषताएँ हैं जो एक अच्छे पड़ोसी में होनी चाहिए। वे सुशिक्षित, आचारवान, परिश्रमी और सरल हदय व्यक्ति हैं। दुख और सुख में उन पर निर्भर रहा जा सकता है। वे उन पड़ोसियों में से नहीं जो दूसरों को कष्ट और विपत्ति में पड़ा देख मुँह फेर लेते हैं। वे तो सदा सहायता का हाथ आगे बढ़ाए दिखाई देते हैं। वे प्रगतिशील विचारों के व्यक्ति हैं। वे अपना कार्य बड़ी ही तल्लीनता और पश्रिम से करते हैं। वे विनम्र, उदार और बहुत ही मिलनसार हैं। वे अपनी विनम्रता और उदारता के लिए बहुत ही लोकप्रिय हैं। वे अपनी आवश्यकताओं को इतना महत्व नहीं देते जितना दूसरों की आवश्यकताओं को। अपने और पराए का भेद तो वे जानते ही नहीं। नित्य सब की सेवा करना मानों उनके जीवन का धर्म है।

आदर्श पड़ोसी-श्री रामनरेश वास्तव में आदर्श पड़ोसी हैं। अच्छे पड़ोसी को एक अच्छा इन्सान होना चाहिए। वे भी बहुत अच्छे इन्सान हैं। इन्सान, मानव होते हुए भी देवत्य के सभी गुण उनमें मौजूद हैं। ऐसे व्यक्ति को पड़ोसी पाकर मेरा मन खुशी से झूम उठता है, उनका पड़ोसी होने से मुझे जो आनंद मिल रहा है, वह शायद न मिल पाता, यदि उन जैसे महान, कुशल, परिश्रमी, दयालु, विनम्र, बुद्धिमान और मनस्वी व्यक्ति का मुझे पड़ोस न मिलता। मैं तो वास्तव में उन्हें अपना पड़ोसी पाकर अपने आप को धन्य महसूस करता हूँ।

उपसंहार- रामनरेश जी जैसे आदर्श उदार शिष्ट, संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण पड़ोसियों से ही समाज की उन्नति और सम्पन्नता सुदृढ़ होती है। ऐस व्यक्ति समाज के लिए रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं। ऐसे पड़ोसी ही अपने समाज के लिए मील का पत्थर सिद्ध होते हैं। हमें भी वास्तव में ऐसे पड़ोसी से प्रेरणा प्राप्त कर अपने जीवन को सुन्दर बनाना चाहिए और अच्छा पड़ोसी बनने का उदाहरण पेश करना चाहिए।